श्री ब्रह्मा देव जी




श्री ब्रह्मा देव जी

दोस्तो हिंदू धर्म के अनुसार श्री ब्रह्मा देव जी ने कई हजारों वर्ष पूर्व पूरी सृष्टि का निर्माण किया था 
ब्रह्मा देव जी के चार मुख बताऐ जाते है उन्हीं चारो मुख से चार वेदों का निर्माण हुआ था 
(1) ऋग्वेद,
(2) यजुर्वेद,
(3) सामवेद,
(4) अथर्ववेद
माँ भगवती सरस्वती ब्रह्मा जी की पत्नी हैं।

भारत में श्री ब्रह्मा मंदिर
1.करमाली मंदिर, पणजी
2.ब्रह्मपुरेश्वर मंदिर, थिरुपट्टूर
3.आदि ब्रह्मा मंदिर, खोखन
4.ब्रह्मा मंदिर, पुष्कर

श्री ब्रह्मा देव जी के प्रचलित नाम

1.ब्रह्मगर्भाय
2.वासुकये
3.वेदरूपिणे
4.दुर्गनाशनाय
5.दिवानाथाय
6.गौतमाय
7.शौरये
8.महारूपाय

श्री ब्रह्मा देव जी मूल मंत्र

ॐ ब्रह्मणे नमः

श्री ब्रह्मा गायत्री मंत्र

ॐ वेदात्मने विद्महे, हिरण्यगर्भाय धीमहि, तन्नो ब्रह्म प्रचोदयात्॥

श्री ब्रह्मा जी की आरती

पितु मातु सहायक स्वामी सखा ,
तुम ही एक नाथ हमारे हो।

जिनके कुछ और आधार नहीं ,
तिनके तुम ही रखवारे हो ।

सब भॉति सदा सुखदायक हो ,
दुख निर्गुण नाशन हरे हो ।

प्रतिपाल करे सारे जग को,
अतिशय करुणा उर धारे हो ।

भूल गये हैं हम तो तुमको ,
तुम तो हमरी सुधि नहिं बिसारे हो ।

उपकारन को कछु अंत नहीं,
छिन्न ही छिन्न जो विस्तारे हो ।

महाराज महा महिमा तुम्हारी,
मुझसे विरले बुधवारे हो ।

शुभ शांति निकेतन प्रेम निधि ,
मन मंदिर के उजियारे हो ।

इस जीवन के तुम ही जीवन हो ,
इन प्राणण के तुम प्यारे हो में ।

तुम सों प्रभु पये “कमल” हरि,
केहि के अब और सहारे हो ।

॥ इति श्री ब्रह्मा आरती ॥

English Translation

Shri Brahma Dev Ji Friends, according to Hinduism, Shri Brahma Dev Ji created the entire creation many thousands of years ago. The four faces of Brahma Dev ji are said to have been constructed from those four faces. (1) Rigveda, (2) Yajurveda, (3) Samaveda, (4) Atharvaveda Mother Bhagwati Saraswati is the wife of Brahma. Nicknames of Shri Brahma Dev Ji 1.Brahmagabhaya 2.Results 3.Vedarupine 4. Sores 5.Divnathay 6. Gout 7.Sight 8. Mega Measures Shri Brahma Dev Ji Mool Mantra Om Brahman Namah Shri brahma gayatri mantra ॐ Vedatmane Vidmahe, Hiranyagarbhay Dhemhi, Tanno Brahma Prachodayat Aarti of Shri Brahma Pitu Matu Assistant Swami Sakha, You are our only one. Who have no other basis, You are the speck. May everything be pleasing forever, Suffering nirgun nashan hare. Respect the whole world, May you be extremely compassionate I have forgotten you, You are not able to understand me The cause is not the end, Incised, extinct Your Majesty Your Majesty, I am rare to you. Shubh Shanti Niketan Prem Nidhi, Mind is the light of the temple. You are the life of this life, You are dear to these lives. All of you got Lord “Lotus” Hari, How can I help you anymore? 4 Iti Shri Brahma Aarti 4

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